प्रस्तरो भविता नदी

विष्णुललित जी ने एक श्लोक मेरे संग्रह "पत्थर हो जाएगी नदी" को पढ़ने के उपरांत पांडिचेरी में मुझे लिखकर दिया.

Comments

Skymouse said…
hey
nice work
pity i can't understand it

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